ये 3 कहानियाँ आपकी सोच बदल सकती है। Motivation Story In Hindi - Smart Way

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Friday, May 8, 2020

ये 3 कहानियाँ आपकी सोच बदल सकती है। Motivation Story In Hindi



नमश्कार दोस्तों आज हम आपको 3 Best Short Motivational Story In Hindi में बताएँगे जो आपके लिए सबक भी बनेगी और एक सीख भी। ये तीनो कहानियाँ (Motivational Story In Hindi) आपके सोचने के नजरिये को बदल देगी। ये कहानियाँ विधार्थियो को भी प्रेरणा प्रदान (Motivational Story For Student In Hindi) करेगी।


3 Best Short Motivational Story In Hindi With Moral





1: सुख की पहचान पैसा है या चैन की नींद

(Motivational Story In Hindi)


एक बार एक गरीब आदमी था उसके पास धन की बहुत कमी होने के कारण वो कई बार तो आधा भूखा सोता था। एक दिन वो अपनी गरीबी से परेशान होकर अपने देश के राजा के पास गया।



राजा के पास जाकर उसने अपनी सारी समस्या राजा को बताई तो राजा को भी बहुत दुःख हुआ और राजा ने ये निर्णय किया की हम तुम को रोजगार देकर तुम्हे इस समस्या से मुक्त करेंगे। लेकिन वो नहीं माना और कहने लगा की मुझे तो काम नहीं चाहिए आप तो बस मुझे बहुत सारा धन दे दीजिये। यही मेरी समस्या का एक मात्र उपाय है।

राजा ने अपने एक सलाहकार के कहने पर उसको धन दने के लिए तैयार हो गया। उसके बाद उस गरीब आदमी को 2 लाख सोने की मुद्राए  दी गयी। उन मुद्राओ को लेकर वो आदमी अपने घर चला गया।



कुछ दिन बीत गए और वो गरीब आदमी अपनी पूरी 2 लाख धन की राशि वापस अपने राजा को  लोटा दी। ये देख कर राजा चौंक गया की कुछ दिन पहले तो ये मुझसे ये मोहरे लेकर गया था तो आज अचानक मुझे वापस क्यों लोटा रहा है।

फिर राजा ने उस गरीब आदमी से पूछा की तुम ऐसा क्यों कर रहे हो तो उस गरीब ने कहा की महाराज जब से में ये 2 लाख स्वर्ण मुद्राये अपने साथ लेकर गया हु तब से में रातो मे चैन की नींद नहीं सो पाया हु महाराज मुझे हर समय ये भय लगा रहता है की कही कोई चोरी कर के मेरे इस धन को ले जाये।



पहले में चाहे कितना ही गरीब था लेकिन सोता बड़े चैन से था लेकिन जब से मेरे पास ये धन आया है में चैन से नहीं सोया। महाराज ऐसा धन किस काम का जो मेरी चैन की नींद को ही छीन ले इसलिए महाराज में आपसे ये कहना चाहता हु की आप ये धन वापस ले ले और मुझे कोई रोजगार दिलवा दे। फिर राजा ने उन 2 लाख मुद्राओ को आप लिया और उसको अपने ही महल में एक पद दिया। जिससे वो अपनी जिंदगी पहले से अच्छी जीने लगा।

Moralदोस्तों ये कहानी हमें सिखाती है की असली सुख धन मे में नहीं बल्कि अपने ह्रदय के संतोष मे है। जीवन में आपके पास कितना ही धन हो लेकिन इसका मतलब ये कभी नहीं हो सकता की आपका जीवन बहुत सुखमय हो। आपके पास बस इतना ही धन होना काफी है जो आपके ह्रदय को संतोष प्रदान करती हो। ये आपको जान लेना चाहिए की असली सुख चैन की नींद में होता है की पैसो मे।


2: क्या हमारा काम भगवान कर सकते है।

(Short Motivational Story In Hindi With Moral)



एक बार दो दोस्त आपस मे इस बात पर बहस कर रहे थे की भगवान होते है या नहीं इन मे से एक दोस्त आस्तिक था और दूसरा दोस्त नास्तिक था। ऐसे ही ये बहस बहुत देर तक चलती रही लेकिन दोनों मेसे एक भी दोस्तों अपनी बात से पीछे हटने को तैयार नहीं था।



फिर उस आस्तिक दोस्त ने अपने नास्तिक दोस्त से पूछा की तुझे ऐसा क्या चाहिए भगवन से जिसके बाद तू भगवान को मानने लग जाये।

तो नास्तिक दोस्त ने कहा की में ऐसा चाहता हु की मुझे किताब भी नहीं खरीदनी पड़े और मेरी सरकारी नौकरी लग जाये। ये बात सुन कर पहले तो उस आस्तिक दोस्त को हँसी आयी फिर उसने कहा की यदि तू ऐसा सोचता है की तू कुछ नहीं करे और तेरा सारा काम भगवान करे तो तेरी सरकारी नौकरी कभी लग ही नहीं सकती।

क्योकि हमारे सारे काम भगवान कभी नहीं करते और ही करेंगे वो तो बस हमारी हर काम मे सहायता करते है। फिर उस आस्तिक दोस्त ने अपने नास्तिक दोस्त को एक कहानी सुनाई जिसके बाद वो भी सोचने पर मजबूर हो गया।


कहानी आस्तिक दोस्त द्वारा

एक बार एक आदमी था वो बहुत गरीब था वो अपनी गरीबी से परेशान होकर भगवान को दोष दिया करता था। एक बार उसने भगवान से कहा की हे भगवान मेरी लाटरी खुलवादो। तो भगवान ने सोचा की ये बहुत गरीब है चलो कोई बात नहीं इसकी लोटरी लगवा देते है।

कुछ दिन बीत गए लेकिन उसकी लोटरी भगवान ने नहीं लगवाई जब की वो रोज भगवान से दुआ करता है फिर कुछ दिन और बीत गए फिर भी उसकी लाटरी नहीं लगी। फिर उस गरीब आदमी को बहुत बुरा ग़ुस्सा आया और वो भगवान से लड़ने लग गया।



उसके बाद भगवान ने उसे दर्शन दिए और कहा हे मुर्ख प्राणी सारे काम में स्वयं नहीं करता कुछ काम तुम को भी करने पड़ते है में तो तुम्हारी लोटरी कब का लगवा देता लेकिन तू एक बार उठ कर कम से कम लाटरी का टिकिट तो खरीद लेता। तुमने लोटरी का टिकिट तो खरीदा ही नहीं में तुम्हारी लोटरी कैसे लगवा सकता हु।

ये कहानी सुन कर उसका नास्तिक दोस्त शोक में गया और कहने लगा की बात तो सही है। फिर आस्तिक दोस्त ने अपने नास्तिक दोस्त को समझाते हुए कहा की तुम्हारी नौकरी लगाना और नहीं लगाना तो भगवान का ही काम है लेकिन उसके लिए पढ़ाई करना तो केवल तुम्हारा ही काम है।

Moralमनुष्य को ये बात सदैव ध्यान मे रखनी चाहिए की हमारे सारे काम भगवान कभी नहीं करते लेकिन यदि हम उस काम को करते है तो भगवान उसमे हमारी सहायता जरूर करते है और याद रखिये भगवान भी उसकी ही सहायता करते है जो अपने दम पर कुछ करना चाहते है।



नकली हीरे और असली हीरे की प्रेरक कहानी 

(Motivational Short Story In Hindi)



एक बार एक आदमी मरता हुआ आदमी अपने बेटे को पास बुलाया और कहा की बेटा मेरे पास ये दो हीरे है और इन दोनों मे से एक हीरा नकली है और एक हीरा बिलकुल असली है लेकिन मुझे ये पता नहीं है की कोनसा असली है और कोनसा नकली है। इसलिए तुम मेरे मरने के बाद इसका पता लगा लेना और तुम बहुत अमीर हो जाओगे।

पिता के मरने के बाद वो उन दोनों हीरो की पहचान करने के लिए दूसरे राज्यों में गया और जितने भी बड़े बड़े सुनार थे उनके पास गया और उसको कहा तो वो भी इस बात का पता नहीं लगा पाए की इन दोनों मे से असली हीरा कोनसा है और नकली हीरा कोनसा है।

उसके बाद वो अपने राज्य के राजा के पास गया और अपनी पूरी समस्या उसने राजा को बताई। तब राजा ने पुरे राज्य में ऐलान लगवाया की जो भी इस पहली को हल करेगा उसको इनाम दिया जायेगा। उसके बाद सारे लोग दरबार में आये और सच का पता लगाने की कोशिश शुरू की लेकिन जितने भी विशेषज्ञ लोग थे वो सब भी इसका पता लगा ने में असमर्थ रहे।

उतने में भी जितने भी दर्शक थे उन मे से एक अंधे आदमी ने महाराज से कहा की क्या में इसकी कोशिश कर सकता हु। तो राजा ने कहा की तुम इसका पता कैसे लगा सकते हो तुम्हारी तो आँखे भी नहीं है। लेकिन उसने राजा को कहा की मुझे एक बार कोशिश करने दिया जाये। तो राजा ने उसके लिए मंजूरी दे दी।

उसके बाद उसने महाराज को कहा की हमें इसके लिए बाहर जाना होगा। फिर बाहर जाने के बाद उस व्यक्ति ने दोनों हीरो को धुप में रखा। कुछ समय के बाद उसने बताया की महाराज ये हीरा असली है और ये हीरा नकली है।

उसकी इस बात को सुन कर सब ही चौक गए। फिर महाराज ने उस अंधे व्यक्ति से पूछा की आपने ये कैसे पता लगाया।

उस अंधे व्यक्ति ने कहा की हे महाराज जो हीरा इतनी कड़ी धुप में भी शीतल बना रहा वो असली हीरा है और जो हीरा इस कड़ी धुप में आग की तरह गर्म हो गया वो पत्थर है मतलब नकली हीरा है। उस की ये बात सुन कर राजा प्रसन्न हो गया और उसको इसके लिए इनाम भी दिया।

Moralये कहानी हमें सिखाती है की जो मनुष्य शांत स्वभाव का होता है वो ही असली हीरा होता है और जो मनुष्य सदैव दुसरो पर क्रोध करता है वो एक प्र्त्थर के समान होता है। इसलिए आपको सदैव हीरा बनने का प्रयास करना चाहिए की पथर।

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