5 तरीके नकारात्मक सोच को खत्म कर देगी। Negative Thinking In Hindi


नकारात्मक सोच(Negative Thinking In Hindi) दोस्तों  ये एक ऐसा शब्द है जिसको हमने बहुत बार सुना है। क्योंकी आज कल ये एक बहुत सामान्य बीमारी हो गयी है। जोकि आजकल के हर नोजवानो को है। लेकिन अब बात ये आती है की हम नकारात्मक सोच(Negative Thinking) को कैसे रोके। ये सवाल आज हर किसी के दिमाग में है की आखिरकार नकारात्मक सोच का इलाज क्या है।

जब भी हमारे दोस्तों को या किसी परिवार के सदस्य को कोई परेशानी होती है तो हम आसानी से उनको ये बोल देते है की ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। सब सही हो जाएगा सकारात्मक सोचो(Positive Thinking In Hindi) नकारात्मक मत सोचो।


लेकिन जब हमारी बारी आती है तो हमें ये पता चलता है की ये तो एक बहुत बड़ी परेशानी है। ये परेशानी आगे जाकर बहुत ज्यादा सोचने (Overthinking) वाली बीमारी का रूप ले लेती है। फिर हम बहुत छोटी छोटी बातो को भी बहुत गहराई(Deeply) से सोचने लगते है।


नकारात्मक सोच कैसे रोके? | How To Stop Negative Thinking In Hindi



अब आपको यहाँ नकारात्मक सोच को कैसे रोके(Stop Negative Thinking In Hindi) ये जानने से पहले ये जानना जरुरी है की नकारात्मक सोच क्या है(What Is Negative Thinking In Hindi) और हम नकारात्मक सोचते क्यों है। यदि आपको एक बार ये पता चल गया की आपके दिमाग में नकारत्मक सोच आती कहा से है तो आप नकारात्मक विचारो(Negative Thoughts) को समाप्त कर सकते हो। तो चलिए जानते है।



नकारात्मक सोच क्या होती है | What Is Negative Thinking In Hindi



दोस्तों जैसा की आप जानते है की इस दुनिया में जो भी चीज होती है उन सबके दो पहलु होते है। जैसे यदि कुछ लोग अच्छे होते है तो कुछ लोग बुरे होते है, जैसे यदि आप मानते है की इस दुनिया में भगवान् है तो आपको ये भी मानना होगा की इस दुनिया में शैतान भी है। एक सिक्का(Coin) होता है उसके भी दो भाग होते है।





तो उस ही तरीके से हमारे दिमाग की सोच या विचार होती है। और ये भी 2 तरीके की होती है। एक होती है नकारात्मक सोच और दूसरी होती है सकारात्मक सोच।

और जब हम किसी विषय के बारे में अच्छा सोचते है तो वो हमारी एक सकारात्मक सोच होती है उस विषय को लेकर। लेकिन जब हम किसी विषय या विचार(Subject And Thoughts) को लेकर बुरा सोचते है तो वो नकारात्मक सोच की सूची(List) में आती है और इसको ही हम नकारात्मक सोच कहते है।


5 तरीके नकारात्मक सोच को खत्म कर देगी। Negative Thinking In Hindi



यदि आप इन तरीको का पालन करते हो तो यकीन मानिये आपको नकारात्मक विचार कभी नहीं आएंगे। तो चलिए जानते है वो तरीके -


1: Stop Negative Habits


ये नकारात्मक विचार (Negative Thoughts In Hindi) का सबसे बड़ा कारण है। हम उन आदतों को Follow करते है जोकि हमारे दिमाग में सीधे नकारात्मक सोच पर असर डालती है। और क्या आप जानते है की नकारात्मक सोचना भी एक स्तर (Level) पर जाकर हमारी आदत बन जाती है।




और अब बात करते है की नकारात्मक आदते(Negative Habits) कौन-कौनसी है - यदि आपकी आदत है की आप सुबह सबसे पहले टीवी पर न्यूज़ देखते हो तो ये एक नकारात्मक आदत है क्योंकी न्यूज़ में हमें सबसे ज्यादा यही बताया जाता है कल कितनी चोरी हुई, कितने रैप और कत्ल हुए और जाने कितनी बाते है। ये सब नकारात्मक आदते है।



और यदि आपको इन सबके बारे में जानना भी है तो आपको सुबह में ये नहीं कर के कुछ समय बाद करना चाहिए।


2: Make A Positive Morning Routine


आपको अपने सुबह के लिए एक Perfect Positive Morning Plan बनाना होगा। और इसमें आपको अपने सुबह के समय के सबसे पहले किये जाने वाले सारे कामो को बिलकुल सही तरीके से शामिल करना होगा। मतलब ये है की आपको उन कामों को करना है जो की आपके दिमाग और सेहत (Mind And Health) को बढ़ाये। जैसे - सुबह किताब पढ़ना, योगा करना, वर्कआउट करना आदी।


3: Don’t Expect Everything Perfect


जब भी हम कुछ करने लगते है तो हम अधिक आत्मविश्वास (Self Confidence) में आकर ये सोचे लगते है की हमारे साथ कुछ गलत नहीं होगा। जोकि सही नहीं है हमें हमेशा ये नहीं सोचना चाहिए की हमारे साथ सब कुछ अच्छा होगा क्योकि जब हम ऐसा सोचते है तो बाद में जब हमारे साथ कुछ गलत होता है तो हमारा दिमाग जल्दी से इसको स्वीकार नहीं कर पाता और फिर हम कुछ भी काम को शुरू करते है तो हम नकारात्मक सोचना शुरू कर देते है।


4: Get Around Positive People


ऐसा माना जाता है की हम अपने आस पास के जो 5 लोग होते है उनके औसत (Average) होते है। इसका मतलब ये है की जैसी उन 5 लोगो की सोच होगी वैसी ही हमारी सोच होगी। यदि वो सकारात्मक सोचते है तो हम भी सकारात्मक ही सोचेंगे और यदि वो नकारात्मक सोचेंगे तो हम भी नकारात्मक सोच ही रखेंगे।




इसलिए हमें हमेशा सकारात्मक लोगो के साथ ही रहना चाहिए। ताकि हम अपने सकारात्मक स्वभाव(Positive Attitude) को बढ़ा सके। वैसे भी महान गुरु चाणक्य का कहना है की आपका एक बुरा दोस्त होने से अच्छा है की आपका कोई दोस्त ही नहीं हो।

इसलिए आपको अपने दोस्त बहुत सोच समझ कर बनाने चाहिए।


5: Don’t Share Your Goal Anyone


क्या आप जानते है की जब हम अपने लक्ष्य को पूरा करने से पहले ही किसी को बता देते है तो उस लक्ष्य के पुरे होने के चांस 75% कम हो जाते है।




इसलिए आपको अपने लक्ष्य उन्ही लोगो को बताने चाहिए जो आपके लक्ष्य(Goal) पर आपको सकारात्मक राय दे। क्योकि हमेशा ये होता है की जब हम अपने लक्ष्य किसी को बताते है तो वो आपको उसके बारे में कुछ नकारात्मक बाते(Positive Thoughts) बताएगा या हो सकता है की वो आपसे बोले की भाई ये तो बड़े बड़े लोग नहीं कर पाए तो तू कहा से करेगा।

और फिर वहाँ से हमारी नकारात्मक सोच शुरू हो जाती है। फिर हम ये सोचने लगते है की हां ये सही बोल रहा है मुझसे ये काम नहीं होगा। इसलिए ये आपके लिए सबसे ज्यादा जरुरी की आप नकारात्मक सोच को ख़त्म(Stop Negative Thinking In Hindi) कर दे।

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